प्रिय मित्रों
आप सभी को सादर प्रणाम।
मैं ,विवेक, "विक्की" आप सभी का अभिवादन करता हूँ। अपने इस ब्लॉग के माध्यम से एक कोशिश की है मैंने अपने ह्रदय की भावनाओ को आप तक पहुँचाने की. मैं सच में पल दो पल का ही कवी या शायर हु जो मैथिली शरण गुप्त , हरिवंश राय बच्चन आदि प्रमुख कवियों से प्रेरित हूँ.
इस मंच के माध्यम से अपनी रचनाओ को आप सब तक विनम्र भाव से पहुंचाने का प्रयत्न करूँगा .
"मंज़िल मिलेगी तो लिपट के रो लेगी वो भी हमसे
जब पांव के छालो से उसका दीदार होगा "
आप सभी को सादर प्रणाम।
मैं ,विवेक, "विक्की" आप सभी का अभिवादन करता हूँ। अपने इस ब्लॉग के माध्यम से एक कोशिश की है मैंने अपने ह्रदय की भावनाओ को आप तक पहुँचाने की. मैं सच में पल दो पल का ही कवी या शायर हु जो मैथिली शरण गुप्त , हरिवंश राय बच्चन आदि प्रमुख कवियों से प्रेरित हूँ.
इस मंच के माध्यम से अपनी रचनाओ को आप सब तक विनम्र भाव से पहुंचाने का प्रयत्न करूँगा .
"मंज़िल मिलेगी तो लिपट के रो लेगी वो भी हमसे
जब पांव के छालो से उसका दीदार होगा "
No comments:
Post a Comment